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अनुमानित 9 वोटो की क्रॉसिंग का खेला⇔अगर राजनीतिक के पंडितों की माने तो यह खेला कांग्रेस की दुखती नव्ज को पकडकर खेला जा रहा है।चुनाव में सब जायज है लक्ष्य जीत पर होता है

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अगर वोटिंग में क्रॉसिंग होती है तो नौ विधायक हिमाचल में कांग्रेस के लिए हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल साबित हो सकते हैं ।

अगर हिमाचल प्रदेश में वहुमत होने के बावजूद यह खेला हुआ तो कांग्रेस सरकार तलवार की धार पर आ सकती है

जवाली, 27 फरवरी, राम प्रकाश वत्स

 

राज्यसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश में भी खेला होता नजर आ रहा सूत्रों के मुताबिक सूबे के नौ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के नौ से अधिक विधायक बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने के क्यास लगाय जा रहे हैं । हिमाचल कांग्रेस की गुटबाजी को मुख्य वजह बताया जा रहा है।

               उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के दो धड़े हैं। एक धड़ा वीरभद्र सिंह समर्थकों का है जिसे प्रतिभा सिंह लीड करती हैं. दूसरा धड़ा है ऐसे विधायकों और नेताओं का, जो सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ हैं । यही कांग्रेस के अन्दर सुलग रही चिंगारी का तुरूप पता खेला का मुख्य आधार होगा

                 इस बात को लेकर यह अनुमान पहले ही लगाया जा रहा था कि कांग्रेस के अन्दर जो उटक पटक चल रही है वह कंही हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की नैया को ना डूबा दे। मात्र हिमाचल प्रदेश में एक राज्यसभा सीट के लिए कम से कम 9 मतो की क्रॉस वोटिंग करने का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर यह वोटिंग में क्रॉसिंग होती है तो नौ विधायक हिमाचल में कांग्रेस के लिए हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल साबित हो सकते हैं ।

कांग्रेस के पक्ष में 43 विधायक हैं और बीजेपी के पास 25. अब अगर नौ विधायकों ने कांग्रेस की जगह बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की है तो ऐसी स्थिति में बीजेपी का वोट गणित 34 पहुंच जाएगा. कांग्रेस भी 43 से घटकर प्रथम वरीयता के 34 वोट पर आ जाएगी. सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 35 वोट चाहिए होंगे। राजनीति में सब जायज है।

‌                   जिस प्रकार से वर्तमान में स्थिति का आंकलन अनुमानो के आधार पर किया जा रहा है अगर शत प्रतिशत रहा तो विधान सभा का वर्तमान स्वरूप में बदलाव बडे स्तर पर आ सकता है। देखिए भविष्य के गर्भ में क्या है । देखना यह कि इस विकट स्थिति में कांग्रेस मजबूती से कैसे उभरती है, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुखू की अग्नि परीक्षा है । 

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