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माननीय मुख्यमंत्री,हिमाचल प्रदेश,सचिवालय शिमला को – उप मंडलीय मैजिस्ट्रेट फतेहपुर के माध्यम से भेजा ज्ञापन

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माननीय मुख्यमंत्री,हिमाचल प्रदेश,सचिवालय शिमला को – उप मंडलीय मैजिस्ट्रेट फतेहपुर के माध्यम से भेजा ज्ञापन

हाइलाइट

हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून” बनाया जाए

श्री राजेश कुमार लिलोठिया जी के मार्गदर्शन में, दिनांक 1 फरवरी 2024 को राजीव भवन में, “स्टेट कोलिशन फॉर लेजिसलेशन ऑफ शेड्यूलड कास्ट, शेड्यूलड ट्राइब्स सब प्लान हिमाचल प्रदेश” का प्रतिनिधिमंडल आपसे मिला था।

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2011 में अनुसूचित जाति उपयोजना की राशि जनसंख्या के अनुपात में 25% के लगभग प्रस्तावित थी लेकिन यह राशि संबंधित वर्ग के विकास की प्राथमिकताओं पर खर्च नहीं हो पाई।

जिला कांगड़ा,18मार्च, व्यूरो चीफ़ विजय समयाल               (क्या मांग है और क्यो?)

एसडीएम फतेहपुर को ज्ञापन देता संगठन

हिमाचल प्रदेश में “अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून” बनाने के संबंध में, डॉ के. राजू जी और श्री राजेश कुमार लिलोठिया जी के मार्गदर्शन में, दिनांक 1 फरवरी 2024 को राजीव भवन में, “स्टेट कोलिशन फॉर लेजिसलेशन ऑफ शेड्यूलड कास्ट, शेड्यूलड ट्राइब्स सब प्लान हिमाचल प्रदेश” का प्रतिनिधिमंडल आपसे मिला था। आपने इस विषय पर सहानुभूति पूर्वक विचार एवं कारवाही करते हुए भोरंज के माननीय विधायक श्री सुरेश कुमार जी के माध्यम से “अनुसूचित जाति,अनुसूचित जाति विकास निधि कानून” का ड्राफ्ट बिल प्रेषित करने के लिए कहा था।

इस दिशा में कार्य करते हुए, स्टेट कोलेशन फॉर लेजिसलेशन ऑफ एससी एसटी सब प्लान हिमाचल प्रदेश की टीम ने “अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून” का ड्राफ्ट बिल तैयार करके माननीय विधायक श्री सुरेश कुमार जी के माध्यम से आगामी कार्यवाही के लिए महोदय को प्रेषित कर दिया है।

विदित है, कि वर्ष 1980 में स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने छुआछूत – अत्याचार और भेदभाव से पीड़ित अनुसूचित जाति , जनजाति समाज के सामाजिक, आर्थिक तथा शैक्षणिक विकास की महत्ता को महसूस करते हुए “अनुसूचित जाति के लिए “विशेष कंपोनेंट प्लान” और अनुसूचित जनजातियों के लिए “अनुसूचित जनजाति उप योजना” का प्रावधान किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति, जनजाति से संबंधित समुदायों को सीधे लाभ प्रदान करने के लिए योजनाएं बनाना और उन्हें लागू करना था। जिसके लिए, केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक ₹100 में से 16.2 रुपए अनुसूचित जाति और 8.2 रुपए अनुसूचित जनजातियों के विकास पर खर्च करने का प्रावधान किया था। चिंताजनक पहलु यह है कि इस प्रावधान के 42 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह प्रावधान पूरी तरह से क्रियान्वित नहीं हो पाए।

 

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2011 में अनुसूचित जाति उपयोजना की राशि जनसंख्या के अनुपात में 25% के लगभग प्रस्तावित थी लेकिन यह राशि संबंधित वर्ग के विकास की प्राथमिकताओं पर खर्च नहीं हो पाई। इसके विपरीत, पिछले 5 सालों में, इस उप योजना के तहत बजट प्रावधान मात्र 5% तक सीमित होकर रह गया, जो संबंधित वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में 33% होना चाहिए था। दुखद तथ्य यह है की आवंटित की गई 5% राशि भी सही मायने में अनुसूचित जाति के विकास पर खर्च नहीं हो पा रही है।

अन्य प्रदेशों ने भी कानून बनाए है

महोदय जी जैसा कि आपको ज्ञात है कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा राजस्थान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति उप योजना पर “कानून” बनाए गए हैं। जहां सरकार के कुल योजना बजट का संबंधित वर्गों की जनसंख्या के अनुपात में प्रावधान करके, आवंटित राशि संबंधित समुदायों के सामाजिक, आर्थिक तथा शैक्षणिक विकास पर पूरी तरह से खर्च हो पा रही है।इस लिए महोदय से विनम्र गुजारिश है कि हिमाचल प्रदेश में भी तेलंगाना राज्य की तर्ज पर अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून बनाया जाए, और अनुसूचित जाति जनजाति की जनसंख्या के अनुपात में कुल बजट का 33% प्रावधान किया जाए, ताकि यह निर्धारित राशि संबंधित वर्गों के सामाजिक – आर्थिक तथा शैक्षणिक विकास की प्राथमिकताओं के आधार पर खर्च हो सके।

हमारे संगठन को भी शामिल करें

हमारा संगठन/ संस्था “स्टेट कोलेशन फॉर लेजिसलेशन ऑफ शेड्यूलड कास्ट, शेड्यूलड ट्राइब्स सब प्लान” का हिस्सा है। इसलिए अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून बनाने की प्रक्रिया में स्टेट कोलेशन के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की कृपा करें।

हम उम्मीद करते हैं, कि आप लोकसभा चुनाव से पहले हिमाचल प्रदेश में “अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून” बनाने की विधिवत्त घोषणा करेंगे। यह कानून हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति जनजाति के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक मील पत्थर साबित होगा। आपकी इस पहल के लिए हिमाचल का उपेक्षित एवं वंचित समाज आपका आभारी रहेगा। एक प्रतिलिपि स्टेट कोलिशन फॉर लेजिसलेशन ऑफ शेड्यूलड कास्ट शेड्यूलड ट्राइब्स सब प्लान हिमाचल प्रदेश को प्रेषित की है।

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