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बोर्ड प्रबंधन के द्वारा बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के जो आदेश जारी किए हैं।यह आदेश फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों पर किस तरह से लागू होंगे यह बात हमारी समझ से परे है।

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 Main important lines of news ⇓

(1)  बोर्ड प्रबंधन के द्वारा बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के जो आदेश जारी किए हैं।यह आदेश फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों पर किस तरह से लागू होंगे यह बात हमारी समझ से परे है।

(2)   बोर्ड प्रबंधन ने गत दिनों कर्मचारियों के लिए बायोमिट्रिक प्रणाली लागू करने के उद्देश्य से मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) के नोटिफिकेशन जारी की हैं। यह आदेश निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फील्ड की परिस्थितियों के अनुरूप नहीं

(3)      बिजली बोर्ड प्रबंधन को इस तरह के आदेश जारी करने से पहले फील्ड की विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखना चाहिए था। इसका सबसे ज्यादा नुकसान उपभोक्ता को होगा समय पूरा होने के बाद काम नहीं करेंगे कर्मचारी।

(4)    मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुखू जी से यह मांग करते हैं कि हिमाचल चुनाव आयोग से अनुमति लेकर हिमाचल में अन्य सरकारी विभागों की तर्ज पर विद्युत बोर्ड में भी पुरानी पेंशन बहाल की जाए। और विधुत बोर्ड स्थाई एम डी लगाया जाए।

(5)   बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या 1990 में 43000 थी और कंज्यूमर करीब 9 लाख था आज कर्मचारियों की संख्या करीब 12 000 रह गई है और कंज्यूमर 26 लाख के करीब पहुंच गया

लाइवआलहिमाचल न्यूज़,भरमाड़,3 मार्च राम प्रकाश वत्स

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत कर्मचारी यूनियन के राज्य सलाहकार समिति के सदस्य इंजीनियर पवन मोहल,यूनियन के राज्य संगठन सचिव अश्विनी ठाकुर, जबाली युनिट के प्रधान सुरेश चौधरी, ने संयुक्त बयान में कहा कि बोर्ड प्रबंधन के द्वारा बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के जो आदेश जारी किए हैं।यह आदेश फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों पर किस तरह से लागू होंगे यह बात हमारी समझ से परे है।क्योंकि फील्ड में कार्यरत एक -एक तकनीकी कर्मचारी के पास 30 से 40 ट्रांसफार्मर की देखरेख का कार्य है।यह कर्मचारी प्रतिदिन 12 से 18 घंटे कार्य करते हैं ।सर्दियों के मौसम में और बरसात के मौसम में तकनीकी कर्मचारी 18 से लेकर 20-20 घंटे तक भी अपनी ड्यूटी करते हैं और लोगों को विद्युत सप्लाई मुहैया करवाते हैं।बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या 1990 में 43000 थी और कंज्यूमर करीब 9 लाख था आज कर्मचारियों की संख्या करीब 12 000 रह गई है और कंज्यूमर 26 लाख के करीब पहुंच गया है इन्हीं आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है की कर्मचारी के ऊपर कितना अत्यधिक कार्य का दबाव है ।जिस कारण आए दिन कर्मचारी दुर्घटनाओं का शिकार होकर के अपने प्राणों की आहुतियां दे रहे बोर्ड प्रबंधन वर्ग से हम कहना चाहते हैं कि इस तरह के प्रयोग बिजली बोर्ड को घाटे की दिशा में ले जा रहे हैं। इस वार्ता के माध्यम से हम जो कहना चाहते हैं । की बायोमेट्रिक हाजिरी के जो आदेश बोर्ड प्रबंधन वर्ग में जारी किए हैं उन्हें तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए।और बोर्ड प्रबंधन वर्ग ऐसे आदेश जारी करें की जो भी कर्मचारी 8 घंटे से ज्यादा कार्य करेगा उसे ओवर टाइम दिया जाए। साथ में माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुखू जी से यह मांग करते हैं कि हिमाचल चुनाव आयोग से अनुमति लेकर हिमाचल में अन्य सरकारी विभागों की तर्ज पर विद्युत बोर्ड में भी पुरानी पेंशन बहाल की जाए। और विधुत बोर्ड स्थाई एम डी लगाया जाए।

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