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विधानसभा धर्मशाला के सुरते हाल ,जानिए आज तक क्या रहा है इतिहास

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महाभारत का चक्रव्यूह ⇒  विधानसभा धर्मशाला के सुरते हाल ,जानिए आज तक क्या रहा है इतिहास#इस बार भाजपा का बागी कर न दे धर्मशाला मे कांग्रेस और भाजपा का खेल खराब

धर्मशाला,25 मई, जिला चीफ़ ब्यूरो विजय समयाल

यूं तो धर्मशाला में दिनभर मुसाफिरों का आना-जाना लगा ही रहता है, लेकिन मुसाफिरों की तरह ही धर्मशाला में विधायकों का आना-जाना भी लगा हुआ है. हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के तहत आने वाली धर्मशाला विधानसभा सीट पर सात साल से भी कम वक्त में चौथी बार चुनाव होने जा रहे हैं.धर्मशाला की जनता ने साल 2017, साल 2019 साल और 2022 में अपना विधायक चुनकर विधानसभा भेजा और अब साल 2024 में एक जून को धर्मशाला की जनता को एक बार फिर अपना नया विधायक चुने के लिए वोट करना होगा.

*धर्मशाला की जनता से छीन गया अपना मंत्री*

साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी किशन कपूर और कांग्रेस के सुधीर शर्मा के बीच रहा. सुधीर शर्मा यह चुनाव किशन कपूर से चुनाव हार गए थे. इस वक्त तक सुधीर शर्मा तत्कालीन वीरभद्र सरकार में शहरी विकास मंत्री भी थे.साल 2019 में लोकसभा के चुनाव आए और भारतीय जनता पार्टी ने किशन कपूर को लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला लिया. इसके बाद किशन कपूर ने सांसद का चुनाव लड़कर जीत हासिल की और वह दिल्ली पहुंच गए. जिस वक्त किशन कपूर ने चुनाव लड़ा, तब वे तत्कालीन जयराम सरकार में नागरिक एवं खाद्य आपूर्ति विभाग का जिम्मा संभाल रहे थे. । पर इस वार भाजपा ने कांगडा चम्बा से उनकी टिकट काट कर कपूर को घर बैठा दिया है ।

*उपचुनाव में हुई बीजेपी के विशाल नेहरिया की जीत*

किशन कपूर के सांसद का चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दिया. इसके बाद धर्मशाला की सीट खाली हो गई. साल 2019 में धर्मशाला में उपचुनाव हुए और भारतीय जनता पार्टी ने युवा नेता विशाल नेहरिया को चुनावी मैदान में उतारा.

स्वास्थ्य कारणों का हबाला देते हुए सुधीर शर्मा ने उपचुनाव नहीं लड़ा . ऐसे में उनकी जगह पार्टी ने विजय इंद्र कर्ण को अपना प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस उपचुनाव में विजय कर्ण की बुरी हार हुई और विशाल नेहरिया चुनाव जीत गए.साल 2019 के धर्मशाला उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार विजय इंद्र कर्ण की जमानत जब्त हो गई थी. भाजपा ने धर्मशाला उपचुनाव में 6 हजार 758 वोट से जीत दर्ज कर ली थी.

*सुधीर शर्मा की सदस्यता रद्द होने के बाद दोबारा चुनाव*

साल 2022 के विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस के सुधीर शर्मा भाजपा के राकेश चौधरी के बीच रहा. यहां इन चुनाव में सुधीर शर्मा की जीत हुई, लेकिन फिर सुधीर शर्मा ने भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यप्रणाली से नाराज होकर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की.इसके बाद कांग्रेस विधायक दल के लिए जारी व्हिप का उल्लंघन करने की वजह से सुधीर शर्मा की सदस्यता रद्द हो गई और अब धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में दोबारा उपचुनाव होने जा रहे हैं.

*85,642 वोटर हैं धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में, जो करेगें प्रत्याशियो के भाग्य का फैंसला,*

*807 के करीब तिब्बती समुदाय के लोगों ने भी ले रखी है भारतीय नागरिकता।*

हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव और धर्मशाला में होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव में निर्वासित तिब्बती समुदाय के लोग भी मतदान करेंगे। धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में तिब्बती समुदाय के करीब 15,145 के लोग स्थायी रूप से रहते हैं। इससे दोगुनी संख्या में तिब्बती समुदाय के लोग यहां घूमने या अन्य कारणों से आते हैं। धर्मशाला में निर्वासित तिब्बत सरकार का मुख्यालय भी है, जहां पर प्रधानमंत्री समेत अन्य जनप्रतिनिधि रहते हैं, लेकिन 807 के करीब तिब्बती समुदाय के लोगों ने भारतीय नागरिकता ले रखी है। इन तिब्बती समुदाय के लोगों ने धर्मशाला में निर्वाचन विभाग के माध्यम से अपने मतदाता पहचान पत्र भी बना लिए हैं। अब ये तिब्बती समुदाय के लोग लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा उपचुनाव में भी मतदान करेंगे।

85,642 वोटर हैं धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में

धर्मशाला में 85,642 मतदाता हैं। इनमें 42,940 पुरुष, 42,702 महिला मतदाता हैं। तिब्बती समुदाय के मतदाताओं का यह आंकड़ा किसी भी प्रत्याशी जीत या हार तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसके चलते कई प्रत्याशी बीते दिनों तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का आशीर्वाद लेने उनके मैक्लोडगंज स्थित मठ में शीश नवा चुके हैं। यहां से भाजपा से सुधीर शर्मा, कांग्रेस से देवेंद्र सिंह जग्गी, निर्दलीय प्रत्याशी राकेश चौधरी, सतीश कुमार चुनाव मैदान में हैं। मतदान प्रतिशतता बढ़ाने के लिए विभाग जागरुकता कार्यक्रम कर रहा है।धर्मशाला में 807 के करीब तिब्बती समुदाय के लोगों के मतदाता पहचान पत्र बने हुए हैं। आम नागरिकों की तरह इन्हें भी अधिक से अधिक संख्या में मतदान के लिए जागरूक किया जा रहा है।

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