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जाहरवीर उपासकों व पंजपीरी थान के सेवकों के लिए दिव्य जाहरवीर जी का मंत्र स्वयं सिद्ध है।केवल वोलना है।

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जाहरवीर उपासकों व पंजपीरी थान के सेवकों के लिए दिव्य जाहरवीर जी का मंत्र स्वयं सिद्ध है।केवल वोलना है।

 (महन्त राम प्रकाश ज्योतिषी शिब्बो थान) 

जाहरवीर जी का मंत्र स्वयं सिद्ध है । इसे सिद्ध करने की कोई आवश्यकता नहीं । माला रूद्राक्ष की ले । काले कंवल का आसन ले।गोगा नवमी के 9 दिनों में दो समय जाप करके हावन हर रोज करें। पहले सधारण पूजा अर्चना करे । गुरु मुख से दीक्षा ले ।

धूनी जलाऐं:– गुगल की धूनी जलाऐ रखें।कृष्ण पक्ष की नवमी को हावन करें । गुगल 100 ग्राम घी गाय 100 ग्राम गठिया धूप ग्राम 50 इलायची 30 ग्राम लौंग 30 ग्राम शक्कर 100 ग्राम सफेद चन्दन 50 ग्राम कपूर देसी 50 ग्राम सावन फैक्ट एमडीएच सभी मिश्रित करके हावन बना कर 108 आहूति डालें ।

मंत्र :– सतनमो आदेश गुरूजी नु आदेश । राणा अष्टमी के दिन जन्मय। नौ को लिए सलाम चेला रे सिद्ध गोरख । तैनू मन्ने कुल जहान खिज्र ख्वाजा मोड़े खाली।जाहर पकडे हाथ जाहर का दुर्कार्या मुड न आवे रास। चौ कुण्ठा का पीर कहावे। मुह मांगी देवे सौगात ।धरती माता गुर पीर अस्ताज । पत्त रखन वाला मेरा गूगा जी महाराज आदेश जाहरवीर नु आदेश । तेरे धूने नु आदेश । तेरे वाने नु आदेश । माता बाछल नु आदेश !पिता जेवर नु आदेश । नाहरसिंह वीर नु आदेश । भज्जु भगत नु आदेश । ताखी नाग नु आदेश । धरती माता नु आदेश । पौन पानी नु आदेश । गोरख गुरु नु आदेश । दादा मत्स्येन्द्र नु आदेश । नौ नाथ चौरासी सिद्धो को आदेश आदेश । इतना जाहर आदेश जाप सम्पूर्ण भया। धूने पर बैठकर गुरु गोरखनाथ ने औघड़नाथ नु कहा । नाथ जी गुरूजी नु आदेश आदेश ।

विधि :–इस मंत्र को सुबह शाम एक एक बार पढे एवं गुरुवार के दिन गोबर के कंडे पर गूगल की आहुति दे ।

लाभ:- इस मंत्र के जाप से गुरु गोरखनाथ एवं गोगा जाहरवीर जी की कृपा प्राप्त होती है और साँप आदि विषैले जंतुओं का भय समाप्त होता है । पंजपीरी थानों के सेवकों के लिए दिव्य मंत्र है । इसे गुप्त रखना होता है । )ऊँ श्री गणेशाय नम:)(चैतन्य गोरक्ष नाथाय नम:) ( ओंम् जाहरवीराय नमः ) मंत्र का जाप की एक- एक माला का जाप करें। पांच मेवे व रोट हलवा व पताशे, चुरमा चढ़ाएं । सभी सामग्री गाय शुद्ध देसी घी में बना कर चढ़ाएं ।

एक लोटा दूध का मीठा मिलाकर पास रखें और जब मंत्र जाप पूरा हो जाये तो उसे नाग बाम्बी में डाल दें और कुछ सफ़ेद फूल चढ़ाकर नमस्कार करें। इसके लिए भोग में दूध की बनी मिठाई रोज लें और पूजन कर भोग अर्पित करें |

मैने खुद भी सिद्ध करके अनुभव  पाया की शाक्तिशाली मंत्र है। यह मंत्र राजस्थान से जहरवीर गोगा भक्त परिवार का पुशतैनी मंतर है। गोगावीर से कृपा मांगे दर्शन नहीं।

फलादेश:-हर प्रकार के जहर को का नाश करता है। हर प्रकार यंत्र, मंत्र, तंत्र दोष से मुक्ति दिलाता है। हल ब्याधि का नाश करता है।

उपयोग कोसे करें:-

बना की डाली से झाडा दे 21 बार वोलकर

विभूति या पानी,या खंड अभिमंत्रित करके दें तीनों भी एक साथ दे सकते हैं

एक कच्चा धागा आभिमंत्रित कर दे गले में डालने के लिए

 

महन्त श्री राम प्रकाश ज्योतिषी शिब्बो थान भरमाड़ तहसील ज्वाली जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश 8894723376***

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