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हमारा, बिजली हमारी और प्रोजेक्ट की जमीन भी हमारी है और लाभ से बंचित इसलिए प्रदेश सरकार ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए इन कंपनियों पर वाटर सेस लगाने का निर्णय लिया है

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हमारा, बिजली हमारी और प्रोजेक्ट की जमीन भी हमारी है और लाभ से बंचित इसलिए प्रदेश सरकार ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए इन कंपनियों पर वाटर सेस लगाने का निर्णय लिया है,

शिमला: मुकेश ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मियों और पेंशनरों को हर महीने वेतन और पेंशन दी जा रही है। उनका हड़ताल पर जाने की धमकियां देने का तरीका सही नहीं है।

मंगलवार को मीडिया से बातचीत में अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों पर हिमाचल प्रदेश के लोगों का हक्क है।हिमाचल प्रदेश में बहने वाली नदियों पर कंपनियों ने बिजली प्रोजेक्ट लगाए हैं। पानी हमारा, बिजली हमारी और प्रोजेक्ट की जमीन भी हमारी है और लाभ से बंचित इसलिए प्रदेश सरकार ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए इन कंपनियों पर वाटर सेस लगाने का निर्णय लिया है, वाटर सेस कमीशन स्थापित किया है, उसी की अनुशंसा पर कंपनियों पर सेस लगाया है। इससे सरकार को 1,842 करोड़ राजस्व आने की संभावना है। वाटर सेस न लगाने के संबंध में केंद्र सरकार का बार-बार पत्र लिखना अनुचित है। वाटर सेस लगाना प्रदेश के अधिकार क्षेत्र में आता है। केंद्र से पिछले दिनों प्रदेश सरकार को पत्र आया है, जिसमें वाटर सेस को अनुचित करार दिया गया है। कि वाटर सेस पर हम केंद्र सरकार की बात नहीं मानेंगे। यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है और फैसला भी न्यायालय का ही लागू होगा।

 

 

 

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