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प्रदूषण का जिम्मेदारी किसकी लोगों की या किसानों की या फिर सरकार की …. देश की जनता हो रही है अकाल मृत्यु की शिकार, कैसे निकलगा समाधान

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 प्रदूषण की पुकार, मिलकर करो मेरा उदार। अभी भी है वक्त देश को मेरी तबाही से बचाने का …….. 

प्रदूषण का जिम्मेदारी किसकी लोगों की या किसानों की या फिर सरकार की …. देश की जनता हो रही है अकाल मृत्यु की शिकार, कैसे निकलगा समाधान

लेखक;- Dr अशोक कुमार सोमल

: सर्दियों में दिल्ली देश की राजधानी से लेकर उत्तर भारत के सारे शहर कस्बे पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश यहां तक हिमाचल उत्तरा खंड के देहातों में जलवायु सांस लेने के काबिल नहीं होता है! और इसके लिए पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली देहात के किसानों को दोष दिया जाता है कि वे पराली जलाते हैं इस वजह से प्रदूषण फैलता है!

असलियत है कि हाल में एक अध्ययन के मुताबिक किसानी की एक्टिविटी से 8 प्रतिशत और गाड़ियों और उद्योगों तथा कंस्ट्रक्शन की वजह से बाकी प्रदूषण फैलता है इसलिए किसानों को प्रदूषण के लिए दोषी मानना बंद किया जाए!

यदि नजर दौड़ाई जाए तो किसानी सबसे जरूरी एक्टिविटी है क्योंकि इससे मनुष्य को पेट भरने के लिए अनाज जोकि सबसे जरूरी है उगाया जाता है!

यह जरूरी है कि किसान अपने क्रिया कलाप इस तरह से करें कि पर्यावरण का नुकसान न हो! पर किसान की मजबूरी है कि उसे अन्न पैदा करना होता है एक तो अपने परिवार का भरण पोषण करना है साथ में अपने लिए धन भी कामना है और बाकियों के लिए भी अन्न मुहैया कराना है! किसान को उसकी उपज के दाम इतने कम मिलते हैं कि उसकी लागत भी पूरी नहीं होती है और यह व्यवस्था का दोष है और इसके लिए सरकारें जिम्मेदार हैं क्योंकि वे बड़े बड़े घरानों सेठों के साथ खड़ी होती हैं और किसान को शोषित करने में भागीदार बनती हैं जग जाहिर है!

क्या गाड़ी चलाने वाले जो कि शहरों में सबसे ज्यादा प्रदूषणफैलाते हैं कुछ समय के लिए अपनी रहीशी छोड़ पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल नहीं कर सकते या फिर कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी जो बरसात के बाद जोर पकड़ती है नहीं रोक सकते?

हम एक उदाहरण दे रहे हैं पिछले महीने धर्मशाला में 5 विश्व क्रिकेट कप टूर्नामेंट हुए और इसमें भारत न्यूजीलैंड का बहुत रोमांचक मैच भी हुआ धर्मशाला में पूरी सरकार भी पहुंची अनुराग के साथ नड्डा और कांग्रेस के राजीव शुक्ला भी पहुंचे! यानी नॉर्मल से कई गुणा ज्यादा गाडियां पहुंची दूसरी गतिविधियां भी बढ़ी नतीजन प्रदूषण कई गुणा बढ़ा! इसके साथ किसानों ने किसानी भी की तो उसका भी कुछ प्रदूषण बढ़ा अब धुआं देख कहा जायेगा कि किसान प्रदूषण फैलाने में सबसे आगे हैं पर कारण तो विश्व कप टूर्नामेंट था! इतना ही नहीं हम इस समय धर्मशाला में ही थे तो जब टूर्नामेंट की ट्रॉफी धूमल परिवार लेकर पहुंचा तब भी बहुत पटाखे चले और इंडिया न्यूजीलैंड मैच जीतने पर भी खूब पटाखे चले और इसी बीच राम लीला और दशहरा भी मनाया गया तब भी खूब पटाखे चले साथ में त्योहार है तो फिर सारी गतिविधियां भी बढ़ी तो फिर प्रदूषण में इजाफा होना लाजमी है! ऐसा पूरे देश में होता है! अब दोष किसे दें किसान को क्योंकि उसकी आवाज नहीं है! धर्मशाला में जो प्रदूषण बढ़ा इसके लिए BCCI ही जिम्मेदार है और इसके लिए BCCI ही अपने प्रॉफिट से भरपाई करे! है किसी में हिम्मत कि सबसे राजनीतिक बल शाली BCCI पर पर्यावरण टैक्स लगाए!

यदि देश में बढ़ रहे पर्यावरणीय असंतुलन के लिए कोई ज्यादा जिम्मेदार है तो अमीर तबका ही है और ऐसा ही सारे विश्व में हो रहा है धरती का बढ़ता तापमान अमीर लोगों की अपनी विलासिता भरी जिंदगी के कारण ही हो रहा है! इसके लिए हर अमीर और गरीब को अपनी जीवन शैली में बदलाब लाने की जरूरत है! इसके साथ हर व्यक्ति जागरूक हो और कम से कम पर्यावरण प्रदूषित करे! साथ में पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान करे! आओ इसे खुद से शुरुआत करें!

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