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गुरु नानक देव ने सत्य अहिंसा प्रेम ही सभी धर्मों का सार है और दया करुणा मैत्री आदमी के सद गुण हैं! काम क्रोध मोह लोभ और अहंकार आदमी के शत्रु हैं ! इससे बचने के लिए ही धर्म में मुख्य सीख दी है!

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पर्यावरण प्राकृतिक खेती एवम विश्व शांति प्रेमीलोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान सिपाही

धर्म और राजनीति: आज गुरु पर्व है यानी गुरुनानक प्रकाश पर्व: एक नूर से सब उपजे क्या भले क्या मंदे! गुरु नानक जी हैं जिन्होंने आमजन को पड़पंजो से बाहर निकलने की नसीयत दी और सीधा सादा रास्ता जीवन जीने

Editor Ashok Kumar Somal

का दिया! एक ओंकार का मंत्र दिया! नाम जपना और कृत करना ही जीवन सार बताया! संगत और पंगत का महत्व बताया! देसेस: यानी अपनी नेक कमाई का दसवां भाग जन कल्याण में लगाना! कहा जाता है उन्होंने किसान के घर खाना पसंद किया न कि सेठ के यहां! और किसान के अन्न से दूध और सेठ के अन्न से लहू भी प्रत्यक्ष दिखाया! पैदल चल कर दुनियां का सफर किया और अलख जगाई! सीखी धर्म की नींव रखी! आज हमें गुरु नानक के बताए रास्ते पर चलना है तभी दुनियां में शांति कायम होगी और सभी का कल्याण होगा! भाईचारा ही अमन का एक मात्र जरिया है!

सत्य अहिंसा प्रेम ही सभी धर्मों का सार है और दया करुणा मैत्री आदमी के सद गुण हैं! काम क्रोध मोह लोभ और अहंकार आदमी के शत्रु हैं ! इससे बचने के लिए ही धर्म में मुख्य सीख दी है!

आज दुनियां में अशांति है हर तरफ युद्ध के हालात हैं ! विश्व के विकसित देश कम विकसित देशों को आपसी टकराव में उलझाए हुए हैं और अपने हथियारों के बल पर अपने हित साध रहे हैं! भारत में भी आंतरिक कलहाएं जोर पकड़ रही हैं! अमीर और गरीब की खाई बढ़ रही है अमीर अमीर होते जा रहे हैं और गरीब को आधारभूत सुविधाएं भी नसीब नहीं हैं! लोकतंत्र को अमीरों ने हथिया लिया है और गरीबों किसानों मजदूरों महिलाओं का शोषण हो रहा है न्याय बराबरी स्वतंत्रता और भाईचारे पर ग्रहण लगा है! भारतीय संस्कृति से लोग विमुख हो कर आडंबर में फंसे हैं अंधविश्वास का बोलबाला है! देश में खींचतान बहुत बढ़ गई है!

धरती का तापमान बढ़ रहा है इसका मुख्य कारण मनुष्य की अंधाधुंध बेतरतीव विकास की दौड़ है! लोग बिना सोचे समझे धरती के संसाधनों का दोहन कर रहे हैं! अतः धरती पर जीवन के लिए ही संकट है!

ऐसे हालात में हमें प्रकृति से प्रेम करते हुए गुरु संगत में अपने जीवन को जीना है गुरुओं की वाणी पर चलते हुए पूरे संसार को सही राह पर चलना है तभी इस धरती पर जीवन बेहतर होगा! हर तरफ खुशहाली होगी और विश्व शांति कायम होगी

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